तेरे बिन
- Zyphyr

- Dec 1, 2021
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Updated: Nov 17, 2025
मिला न तू जब तक मुझे, जिया बस जिये बिन
जीना किसको कहते हैं, वो जाना है अब मैने
मिला तू तो मै समझा, साँस लेना जीना नही
अब हर साँस आती है, ओर मुझे ये समझाती है
कि जीना कितना मुशकिल है, तेरे बिन - तेरे बिन
तेरी यादों के साये में, अक्सर मैं खो जाता हूँ
मुस्कानों की भीड़ में भी, हरदम रो जाता हूँ
कितनी अधूरी लगती है, हर ख़ुशी - हर गिन
कि जीना कितना मुश्किल है, तेरे बिन – तेरे बिन
हर शाम ढलती है यूँ, जैसे कोई सज़ा हो
हर रात कहती है मुझसे, तू ही मेरी दवा हो
बंद आँखों में भी अब, तेरा ही चेहरा दिखे छिन-छिन
कि जीना कितना मुश्किल है, तेरे बिन – तेरे बिन
चलते हैं लोग आगे, मैं वहीं ठहर जाता हूँ
तेरे साथ बिताए पल, हर रोज़ फिर जी जाता हूँ
ये दिल भी अब थक चला है, मगर धड़कता है बिन-सिन
कि जीना कितना मुश्किल है, तेरे बिन – तेरे बिन
अब तू है मेरे साथ, और हर लम्हा मेरा है तेरा
हर सांस में तू शामिल, हर धड़कन में बसे सवेरा
जो अधूरी थी कभी ज़िंदगी, अब है पूरी हर छिन
अब समझ आता है क्या था मैं, तेरे बिन – तेरे बिन



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