मिला न तू जब तक मुझे, जिया बस जिये बिन जीना किसको कहते हैं, वो जाना है अब मैने मिला तू तो मै समझा, साँस लेना जीना नही अब हर साँस आती है, ओर मुझे ये समझाती है कि जीना कितना मुशकिल है, तेरे बिन - तेरे बिन तेरी यादों के साये में, अक्सर मैं खो जाता हूँ मुस्कानों की भीड़ में भी, हरदम रो जाता हूँ कितनी अधूरी लगती है, हर ख़ुशी - हर गिन कि जीना कितना मुश्किल है, तेरे बिन – तेरे बिन हर शाम ढलती है यूँ, जैसे कोई सज़ा हो हर रात कहती है मुझसे, तू ही मेरी दवा हो बंद आँखों में भी अब, त